डॉ. शिवकुमार कंडेकर एक समर्पित शिक्षक और शोधकर्ता हैं, जो भारत में उच्च और व्यावसायिक शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए 'नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन' (NIEPA) के मिशन और विज़न के प्रति प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय से शिक्षा के क्षेत्र में Ph.D. और लाइफ साइंस में मास्टर डिग्री हासिल की है; साथ ही, उन्होंने गाइडेंस और काउंसलिंग में PG डिप्लोमा भी किया है। उन्हें शिक्षक शिक्षा संस्थानों में पढ़ाने का अनुभव है। उन्होंने 'नेशनल सेंटर फॉर स्कूल लीडरशिप' (NCSL) NIEPA, नई दिल्ली में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर काम किया है और भारत में स्कूली शिक्षा में 'गुड गवर्नेंस' (सुशासन) पर शोध परियोजना में योगदान दिया है। उन्होंने कई शोध परियोजनाओं पर काम किया है, जैसे- टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) में स्कूल लीडरशिप प्रोजेक्ट, CESS के साथ मिलकर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (UK) के सहयोग से सेकेंडरी स्कूल ऑब्जर्वेशन स्टडी, और 'फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी' (FLN) सर्वे। ग्रामीण शिक्षा के विकास को बढ़ावा देने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर उन्होंने 'नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट एंड पंचायती राज' (NIRD&PR) के साथ भी सहयोग किया है।
उन्होंने "सोशल साइंस में भविष्य के ट्रेंड्स" (Futuristic Trends in Social Science) नाम की बुक सीरीज़ के एडिटर के तौर पर काम किया। उन्होंने नामी जर्नल्स में रिसर्च पेपर पब्लिश किए और नेशनल व इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में अपनी बात रखी। इसके अलावा, उन्होंने T-SAT एजुकेशनल चैनल पर 'मिड-डे मील' का डेमो दिखाया और PM e-विद्या चैनल पर स्कूल लीडरशिप डेवलपमेंट पर लाइव सेशन किए। उन्होंने कई पहलों में अहम भूमिका निभाई, जैसे कि 'स्वच्छ भारत स्वच्छ विद्यालय' कैंपेन के तहत ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में छात्रों की सेहत के लिए हाथ धोने के तरीकों (WHO के अनुसार) को बढ़ावा देना। उन्होंने UNICEF, WHO और सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स 2030 द्वारा प्रायोजित हेल्थ और हाइजीन कोर्स; स्कूल लीडरशिप क्षमता और मैनेजमेंट स्किल्स; 'साइंस ऑफ़ वेल-बीइंग' (येल यूनिवर्सिटी); और 'माइंडफुलनेस इन इंटीग्रेटिव हेल्थकेयर' (यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिनेसोटा) जैसे कोर्स में सर्टिफ़िकेशन हासिल किए हैं। शिक्षा में सस्टेनेबल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के उनके समर्पण के लिए उन्हें नेशनल सर्विस स्कीम (NSS) के तहत सराहना मिली है।