ये एक एकेडमिक हैं जिन्हें टीचिंग, ट्रेनिंग और रिसर्च में 18 साल से ज़्यादा का अनुभव है। अभी ये NIEPA के एजुकेशनल पॉलिसी डिपार्टमेंट में एसोसिएट प्रोफेसर के तौर पर काम कर रही हैं। इससे पहले, इन्होंने गुजरात की महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ़ बड़ौदा के सेंटर फ़ॉर एडवांस्ड स्टडीज़ इन एजुकेशन (CASE) के एजुकेशन डिपार्टमेंट में ग्रेजुएट और पोस्ट-ग्रेजुएट लेवल पर टीचर एजुकेटर के तौर पर काम किया है। इनकी एकेडमिक रुचि के क्षेत्र हैं - स्कूल एजुकेशन (खासकर स्कूल लीडरशिप, कम्युनिटी की भागीदारी, स्कूलों में समानता के मुद्दे), टीचर एजुकेशन, और टीचर्स व स्कूल लीडर्स का प्रोफेशनल डेवलपमेंट। इन्होंने स्कूल और टीचर एजुकेशन को बेहतर बनाने और NEP, 2020 को लागू करने के लिए अलग-अलग राज्य सरकारों की एडवाइज़री बॉडीज़ में काम किया है। ये भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अलग-अलग वर्किंग ग्रुप्स और कमेटियों का भी हिस्सा रही हैं, जैसे मनोदर्पण, 'सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ़ टीचर एजुकेशन' की स्थापना, 'DIETs का पुनर्गठन', 'स्कूल लीडरशिप डेवलपमेंट के लिए रोडमैप' और 'स्कूल की सुरक्षा और संरक्षा के लिए गाइडलाइंस तैयार करना'। ये स्कूल लीडरशिप के क्षेत्र में पॉलिसी और प्रैक्टिस के बीच के अंतर को समझने और भारत के साथ-साथ दक्षिण-पूर्व एशियाई और अफ़्रीकी देशों में स्कूलों की विविधता को संभालने के लिए संदर्भ-आधारित मॉडल विकसित करने के काम में गहराई से जुड़ी हुई हैं। इनके पास स्कूल प्रिंसिपल्स और अलग-अलग लेवल पर सिस्टम अधिकारियों के साथ फैसिलिटेटर के तौर पर काम करने का भी लंबा अनुभव है। इन्होंने गुजरात सरकार के लिए सरकारी पॉलिसी, प्रोग्राम और स्कीम (जैसे सर्व शिक्षा अभियान, वैकल्पिक और इनोवेटिव एजुकेशन, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का कामकाज) के कार्यान्वयन का आकलन करने के लिए मूल्यांकन रिसर्च स्टडीज़ की हैं। साथ ही, शिक्षा मंत्रालय (MoE) के लिए भी काम किया है, जिसमें NEP, 2020 के कार्यान्वयन का आकलन (खासकर स्कूल कॉम्प्लेक्स पर ध्यान देते हुए), पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्कूल एजुकेशन को मज़बूत करना (समग्र शिक्षा के कार्यान्वयन पर खास ध्यान देते हुए) और 'समाज में सभी के लिए आजीवन सीखने की समझ (ULLAS)' पर राष्ट्रीय पहल का मध्यावधि मूल्यांकन शामिल है। इनका अभी का फोकस पूरे भारत में स्कूल लीडर्स की लीडरशिप क्षमताओं को मैप करने के लिए एक क्षमता फ़्रेमवर्क विकसित करना है, जो ICSSR द्वारा फंडेड एक लॉन्गिट्यूडिनल रिसर्च प्रोजेक्ट है।