भारत सरकार के तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्रालय (अब शिक्षा मंत्रालय) द्वारा स्थापित 'नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन' (NIEPA) उच्च शिक्षा का एक प्रमुख संस्थान है। यह न केवल भारत में बल्कि दक्षिण एशिया में भी शिक्षा की योजना और प्रबंधन के क्षेत्र में क्षमता निर्माण और शोध का काम करता है। इसे 11 अगस्त, 2006 को संस्थान का दर्जा मिला। किसी भी केंद्रीय संस्थान की तरह, NIEPA का पूरा खर्च भारत सरकार उठाती है। यह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्षमता निर्माण की अपनी पुरानी भूमिका निभाता आ रहा है। इसके अलावा, इसने अब 'एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन' (शिक्षा योजना और प्रशासन) में M.Phil., Ph.D. और पोस्ट-डॉक्टरल जैसे नए कार्यक्रम शुरू किए हैं। वर्तमान में, संस्थान ने शिक्षा से जुड़े कई शोध क्षेत्रों की पहचान की है, जिनमें विशेष रूप से योजना और प्रशासन शामिल हैं। कुछ मुख्य क्षेत्रों में शामिल हैं: शिक्षा योजना; शिक्षा प्रबंधन; शिक्षा वित्त; शिक्षा नीति; स्कूली शिक्षा; तकनीकी शिक्षा; तुलनात्मक शिक्षा; शिक्षा में लैंगिक मुद्दे; शिक्षा में समानता और समावेश; शिक्षा प्रबंधन सूचना प्रणाली; साक्षरता और गैर-औपचारिक शिक्षा; उच्च शिक्षा; शिक्षक शिक्षा; शिक्षा और वैश्वीकरण; अल्पसंख्यकों की शिक्षा, आदि। इसके अलावा, संस्थान राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा के विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर शोध और नीति विश्लेषण का काम भी करता रहता है। संस्थान की बढ़ती गतिविधियों और शोध व क्षमता निर्माण के प्रति इसके अंतर-विषयक दृष्टिकोण को देखते हुए, संस्थान अपने शिक्षण और शोध कार्यक्रमों के आधार को और मजबूत करने के लिए शोध, शिक्षण या प्रशासन से जुड़े जाने-माने विद्वानों को अपने साथ जोड़ने का इच्छुक है। वर्तमान में, संस्थान में ऐसे चार पदों की व्यवस्था है। NIEPA में काम की प्रकृति के आधार पर फेलोशिप की अवधि दो से तीन साल तक हो सकती है।
नामांकन पूरे वर्ष में किसी भी समय भेजा जा सकता है... ई-मेल:- registrar[at]niepa[dot]ac[dot]in या vc[at]niepa[dot]ac[dot]in